नई दिल्ली | IndustrialPunch : भारत की अग्रणी निजी थर्मल पावर उत्पादक कंपनियों में शामिल वेदांता पावर लिमिटेड को बड़ी वित्तीय उपलब्धि मिली है। देश की प्रमुख रेटिंग एजेंसी CRISIL ने कंपनी को ‘Rating Watch with Developing Implications’ से बाहर निकालते हुए उसकी गारंटीकृत दीर्घकालिक बैंक सुविधाओं की रेटिंग ‘CRISIL AA+ (CE) Stable’ कर दी है। इसके साथ ही कंपनी की स्वतंत्र दीर्घकालिक रेटिंग ‘AA-/Stable’ तथा अल्पकालिक रेटिंग ‘CRISIL A1+’ को भी बरकरार रखा गया है।
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यह रेटिंग अपग्रेड वेदांता समूह के सफल डीमर्जर के बाद आया है, जिसे कंपनी के मजबूत वित्तीय ढांचे और बेहतर रणनीतिक फोकस का संकेत माना जा रहा है।
मजबूत क्रेडिट प्रोफाइल पर CRISIL की मुहर
CRISIL ने अपनी रिपोर्ट में वेदांता पावर की मजबूत क्रेडिट प्रोफाइल, विविध थर्मल पावर पोर्टफोलियो, सुदृढ़ लिक्विडिटी, दीर्घकालिक पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA), सुरक्षित ईंधन आपूर्ति व्यवस्था और लगातार वित्तीय लचीलेपन को रेटिंग अपग्रेड का प्रमुख आधार बताया है।
रेटिंग एजेंसी के अनुसार, डीमर्जर के बाद कंपनी का नया कॉरपोरेट ढांचा व्यवसाय को अधिक रणनीतिक दिशा और वित्तीय मजबूती प्रदान करेगा।
देशभर में फैला 4,000 मेगावाट से अधिक का पावर पोर्टफोलियो
वेदांता पावर वर्तमान में देश के विभिन्न राज्यों में बड़े थर्मल पावर संयंत्र संचालित कर रही है, जिनमें शामिल हैं—
- तलवंडी साबो थर्मल पावर प्लांट (पंजाब) – 1,980 मेगावाट
- झारसुगुड़ा थर्मल पावर प्लांट (ओडिशा) – 600 मेगावाट
- मीनाक्षी एनर्जी लिमिटेड (आंध्र प्रदेश) – 1,000 मेगावाट
- सक्ती थर्मल पावर प्लांट (छत्तीसगढ़) – 600 मेगावाट
कंपनी ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में सक्ती परियोजना की अतिरिक्त 600 मेगावाट यूनिट के शुरू होने से उसकी उत्पादन क्षमता और मजबूत होगी।
परिचालन उत्कृष्टता और वित्तीय अनुशासन का मिला पुरस्कार
CRISIL ने कहा कि वेदांता पावर का व्यवसाय मॉडल विविध उत्पादन परिसंपत्तियों, दीर्घ एवं मध्यम अवधि के PPA, व्यापक ईंधन आपूर्ति अनुबंधों और मजबूत नकदी प्रवाह पर आधारित है। यही कारण है कि कंपनी ने ऊर्जा क्षेत्र में अपनी प्रतिस्पर्धी स्थिति लगातार मजबूत की है।
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CRISIL की ‘AA+ Stable’ रेटिंग केवल एक वित्तीय अपग्रेड नहीं, बल्कि यह वेदांता पावर की विश्वसनीयता, निवेश क्षमता और दीर्घकालिक विकास रणनीति पर बाजार के बढ़ते भरोसे का संकेत है। डीमर्जर के बाद कंपनी अब अधिक स्पष्ट रणनीतिक फोकस के साथ विस्तार की राह पर है। यदि सक्ती परियोजना की नई यूनिट समय पर शुरू होती है, तो वेदांता पावर निजी बिजली क्षेत्र में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकती है।
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