कोलकाता | IndustrialPunch : कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) की 62वीं सेफ्टी बोर्ड बैठक कोलकाता स्थित कॉर्पोरेट मुख्यालय में आयोजित की गई। बैठक में चेयरमैन बी. साईराम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “सुरक्षा एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है।” उन्होंने कहा कि सुरक्षित खनन सुनिश्चित करने के लिए कर्मचारियों का नियमित प्रशिक्षण, सतत सीखने की प्रक्रिया तथा सभी सुरक्षा मानकों एवं स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का कड़ाई से पालन अत्यंत आवश्यक है।
चेयरमैन ने उम्मीद जताई कि यह बैठक सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा सुधार के नए सुझावों पर सार्थक चर्चा का महत्वपूर्ण मंच साबित होगी।
बैठक को संबोधित करते हुए खनन सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) के महानिदेशक उज्ज्वल ताह ने कहा कि उत्पादन, उत्पादकता और सुरक्षा—तीनों का संतुलन ही देश की प्रगति का आधार है। उन्होंने बैठक में लिए गए निर्णयों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर बल देते हुए कहा कि इससे कोयला उद्योग में सुरक्षा मानकों को और सुदृढ़ किया जा सकेगा।
कोल इंडिया के निदेशक (तकनीकी) अच्युत घटक ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि बैठक में प्राप्त सुझावों को लागू करने के लिए कंपनी प्रतिबद्ध है। उन्होंने परिचालन सुरक्षा को और बेहतर बनाने के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों की भी जानकारी दी।
बैठक में निदेशक (मार्केटिंग/एचआर – अतिरिक्त प्रभार) मुकेश चौधरी, कोल इंडिया की सभी सहायक कंपनियों के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (CMD), डीजीएमएस के वरिष्ठ अधिकारी, ट्रेड यूनियनों एवं CMOAI के प्रतिनिधि, सेफ्टी बोर्ड के सदस्य तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
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बैठक शुरू होने से पहले सभी गणमान्य अतिथियों ने कोलकाता स्थित कोल इंडिया मुख्यालय में शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर खनन दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले कर्मियों को श्रद्धांजलि दी।
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