Tuesday, August 11, 2026
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8th Pay Commission: पेंशनर्स ने रखीं 13 बड़ी मांगें, न्यूनतम पेंशन ₹45,000 करने की मांग

भारत पेंशनर्स समाज ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के समक्ष न्यूनतम मूल वेतन ₹69,000 करने तथा 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग की है।

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नई दिल्ली | Industrial Punch : भारत पेंशनर्स समाज (BPS) के प्रतिनिधिमंडल ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) के समक्ष पेंशनभोगियों की विभिन्न मांगों और समस्याओं को प्रमुखता से रखा है। 7 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित चंद्रलोक बिल्डिंग में आयोग के समक्ष प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों पर विस्तृत प्रस्तुति दी।

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प्रतिनिधिमंडल में भारत पेंशनर्स समाज के अध्यक्ष आर.के. चौहान और महासचिव अविनाश राजपूत सहित अन्य सदस्य शामिल रहे। बैठक में BPS ने PowerPoint Presentation के माध्यम से अपने विस्तृत ज्ञापन में शामिल प्रमुख मांगों को आयोग के सामने रखा।

न्यूनतम वेतन और पेंशन बढ़ाने की मांग

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भारत पेंशनर्स समाज ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के समक्ष न्यूनतम मूल वेतन ₹69,000 करने तथा 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग की है।

इसके साथ ही न्यूनतम पेंशन ₹45,000, अंतिम आहरित वेतन की 67 प्रतिशत पेंशन तथा पारिवारिक पेंशन को अंतिम आहरित वेतन के 50 प्रतिशत के स्तर पर निर्धारित करने की मांग रखी गई है।

पेंशनर्स की 13 प्रमुख मांगें

  • न्यूनतम वेतन निर्धारण के लिए 5.2 Weighted Family Units अपनाया जाए।
  • न्यूनतम मूल वेतन ₹69,000 और फिटमेंट फैक्टर 3.83 किया जाए।
  • न्यूनतम पेंशन ₹45,000, अंतिम आहरित वेतन की 67 प्रतिशत पेंशन और 50 प्रतिशत पारिवारिक पेंशन निर्धारित की जाए।
  • 1 जनवरी 2026 से पहले और बाद में सेवानिवृत्त पेंशनर्स के बीच समानता सुनिश्चित की जाए।
  • पेंशन एवं पारिवारिक पेंशन में हर पांच वर्ष में संशोधन किया जाए।
  • DA/DR में तिमाही आधार पर संशोधन तथा DR की समीक्षा की जाए।
  • पेंशनर्स को उपयुक्त HRA और LTC सुविधाओं का विस्तार दिया जाए।
  • केंद्रीय स्वायत्त एवं वैधानिक निकायों के पात्र पेंशनर्स को 8वें CPC के लाभ दिए जाएं।
  • CGHS कैशलेस स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जाए तथा ग्रामीण एवं गैर-CGHS क्षेत्रों में रहने वाले
  • पेंशनर्स के लिए ₹35,000 Fixed Medical Allowance की मांग पूरी की जाए।
  • पेंशन के commuted हिस्से की बहाली 11 वर्ष बाद या 71 वर्ष की आयु पर, जो पहले हो, की जाए।
  • 65 वर्ष की आयु से अतिरिक्त पेंशन पांच-वर्षीय स्लैब में शुरू की जाए।
  • संशोधित पेंशन और संबंधित लाभों को 1 जनवरी 2026 से प्रभावी किया जाए।
  • BSNL पेंशनर्स की पेंशन समानता और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाए।

करीब एक करोड़ पेंशनर्स का प्रतिनिधित्व

भारत पेंशनर्स समाज की स्थापना जनवरी 1955 में हुई थी और यह Department of Pension & Pensioners’ Welfare तथा NITI Aayog से मान्यता प्राप्त संगठन है। संगठन के अनुसार वह SCOVA के माध्यम से पेंशनर्स के हितों का प्रतिनिधित्व करता है तथा इसके 245 संबद्ध संघ हैं, जिनके माध्यम से करीब एक करोड़ पेंशनर्स के हितों की आवाज उठाई जाती है।

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BPS ने बैठक को सार्थक बताते हुए उम्मीद जताई कि 8वां केंद्रीय वेतन आयोग पेंशनर्स और उनके परिवारों की मांगों एवं अपेक्षाओं पर गंभीरता से विचार करेगा।

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