Friday, July 17, 2026
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Coal Crime Files – Episode 12 : फर्जी नौकरी और भर्ती घोटाले, कोयला कंपनियों में नौकरी दिलाने के नाम पर कैसे होती है ठगी? 

ऐसे मामले समय-समय पर देशभर में विभिन्न सरकारी और निजी संस्थानों के नाम पर सामने आते रहे हैं। कोयला क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है।

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(IndustrialPunch Investigative Desk) : “सर… आपकी नौकरी लग गई है, बस ₹50,000 जमा कर दीजिए…”, एक युवक को व्हाट्सएप पर संदेश मिलता है— “Coal India की सहायक कंपनी में आपकी नौकरी पक्की है। मेडिकल और जॉइनिंग लेटर तैयार है। बस प्रोसेसिंग फीस जमा कर दीजिए।” कुछ ही घंटों बाद एक फर्जी नियुक्ति पत्र (Appointment Letter), कंपनी का लोगो और कथित अधिकारी के हस्ताक्षर वाला ई-मेल भेज दिया जाता है।

युवक पैसे जमा करता है…, लेकिन कुछ दिनों बाद मोबाइल नंबर बंद हो जाता है और ई-मेल भी गायब।

ऐसे मामले समय-समय पर देशभर में विभिन्न सरकारी और निजी संस्थानों के नाम पर सामने आते रहे हैं। कोयला क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है।

कैसे होता है यह फर्जीवाड़ा?

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  • फर्जी वेबसाइट : कंपनी जैसी दिखने वाली वेबसाइट बनाकर आवेदन मंगाए जाते हैं।
  • व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप : “100% सरकारी नौकरी” जैसे संदेश फैलाकर लोगों को जोड़ा जाता है।
  • फर्जी नियुक्ति पत्र : कंपनी का लोगो, लेटरहेड और नकली हस्ताक्षर लगाकर Appointment Letter तैयार किया जाता है।
  • प्रोसेसिंग फीस : मेडिकल, सिक्योरिटी डिपॉजिट, ट्रेनिंग या जॉइनिंग फीस के नाम पर ऑनलाइन पैसे मांगे जाते हैं।
  • फर्जी इंटरव्यू : फोन या वीडियो कॉल पर औपचारिक इंटरव्यू लेकर भरोसा दिलाने की कोशिश की जाती है।

पहचानें ऐसे फर्जीवाड़े के संकेत

  • नौकरी के बदले पैसे मांगे।
  • व्यक्तिगत बैंक खाते में भुगतान करने को कहे।
  • केवल WhatsApp पर संपर्क करे।
  • जल्दबाजी में निर्णय लेने का दबाव बनाए।
  • आधिकारिक वेबसाइट के बजाय किसी अन्य लिंक से आवेदन मांगे।

असली भर्ती प्रक्रिया कैसी होती है?

  • आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित होती है।
  • सार्वजनिक विज्ञापन जारी किया जाता है।
  • निर्धारित आवेदन प्रक्रिया अपनाई जाती है।
  • लिखित परीक्षा/इंटरव्यू (जहां लागू हो) आयोजित किए जाते हैं।
  • चयन सूची आधिकारिक माध्यम से जारी होती है।

कोई भी वैध सरकारी भर्ती सामान्यतः व्यक्तिगत खाते में पैसे जमा कराने के आधार पर नहीं होती।

कंपनियां क्या सलाह देती हैं?

  • केवल आधिकारिक वेबसाइट देखें।
  • सोशल मीडिया अफवाहों पर भरोसा न करें।
  • किसी एजेंट को पैसे न दें।
  • संदिग्ध कॉल या ई-मेल की सूचना दें।
  • भर्ती संबंधी जानकारी केवल आधिकारिक नोटिफिकेशन से ही लें।

यदि ठगी हो जाए तो क्या करें?

यदि किसी के साथ ऑनलाइन नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी होती है, तो विशेषज्ञ सलाह देते हैं—

  • तुरंत बैंक को सूचना दें।
  • साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
  • निकटतम साइबर थाना या पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट करें।
  • सभी चैट, ई-मेल और भुगतान की रसीद सुरक्षित रखें।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि आजकल फर्जी वेबसाइट, नकली ई-मेल और AI आधारित दस्तावेजों के कारण धोखाधड़ी पहले से अधिक पेशेवर दिखाई देती है। इसलिए किसी भी नौकरी संबंधी सूचना की पुष्टि हमेशा संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से करनी चाहिए।

फर्जी नौकरी से बचने के 7 उपाय

  • केवल आधिकारिक वेबसाइट पर भरोसा करें।
  • नौकरी के लिए किसी को पैसे न दें।
  • वेबसाइट का URL जांचें।
  • ई-मेल डोमेन सत्यापित करें।
  • WhatsApp ऑफर पर तुरंत भरोसा न करें।
  • दस्तावेजों की पुष्टि करें।
  • साइबर ठगी की तुरंत शिकायत करें।

Industrial Punch Conclusion

फर्जी नौकरी और भर्ती घोटाले केवल आर्थिक नुकसान नहीं पहुंचाते, बल्कि युवाओं के भविष्य और भरोसे को भी प्रभावित करते हैं। डिजिटल युग में सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। किसी भी नौकरी का प्रस्ताव मिलने पर उसकी आधिकारिक पुष्टि करना, पैसे न देना और संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट करना ही सबसे प्रभावी बचाव है।

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट विभिन्न सरकारी चेतावनियों, सार्वजनिक रूप से उपलब्ध मामलों, साइबर अपराध संबंधी जानकारी और मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। इसका उद्देश्य आम लोगों को जागरूक करना है। इसका संबंध किसी विशेष कंपनी, व्यक्ति या संस्था से नहीं है।

अगले एपिसोड में…

Coal Crime Files – Episode 13 :  फर्जी टेंडर और सप्लाई ऑर्डर का जाल, कोयला कंपनियों के नाम पर कैसे भेजे जाते हैं नकली टेंडर और सप्लाई ऑर्डर?

इसे भी पढ़ें:

Coal Crime Files– Episode 1 : कोयला चोरी का काला कारोबार, खदान से बाजार तक कैसे चलता है अवैध कारोबार?

Coal Crime Files – Episode 2 : फर्जी चालान, ई-परमिट और कागजों का खेल

Coal Crime Files – Episode 3 : अवैध खनन, मौत की सुरंगें, बंद खदानों में कौन करता है खनन? 

Coal Crime Files – Episode 4 : रेलवे रैक से कोयला चोरी का पूरा नेटवर्क, खदान से बिजलीघर तक… कहां और कैसे होती है चोरी?

Coal Crime Files – Episode 5 : ट्रांसपोर्ट सिंडिकेट की अंदरूनी कहानी, खदान से गंतव्य तक… कोयला परिवहन की सबसे बड़ी चुनौतियां क्या हैं?

Coal Crime Files – Episode 6 : कोल माफिया कैसे बनाते हैं अपना नेटवर्क? अवैध कारोबार कैसे संगठित रूप लेता है? 

Coal Crime Files – Episode 7 : कोयले का काला बाजार, चोरी का कोयला आखिर पहुंचता कहां है?

Coal Crime Files – Episode 8 : कोयला डिपो का अवैध कारोबार, अस्थायी भंडारण से अवैध सप्लाई तक

Coal Crime Files – Episode 9 : स्क्रैप माफिया की कहानी, बंद मशीनों से लेकर यार्ड तक… कैसे बनता है औद्योगिक स्क्रैप अवैध कारोबार का हिस्सा?

Coal Crime Files – Episode 10 : HEMM मशीनों के पार्ट्स की चोरी, करोड़ों की मशीनों पर चोरों की नजर क्यों? 

Coal Crime Files – Episode 11 : डीजल चोरी का खेल, खदानों की मशीनों से लेकर टैंकरों तक… कैसे होती है ईंधन की चोरी?

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