नई दिल्ली, 20 July | IndustrialPunch : देश में चारों श्रम संहिताओं (Labour Codes) को लेकर लंबे समय से चल रही चर्चा के बीच केंद्र सरकार ने लोकसभा में बड़ा बयान दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि 21 नवंबर 2025 से चारों लेबर कोड लागू किए जा चुके हैं, जबकि इनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा नियम (Rules) बनाए जाने की प्रक्रिया जारी है।
लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने बताया कि केंद्रीय नियम 8 मई 2026 को अधिसूचित किए जा चुके हैं। चूंकि श्रम समवर्ती सूची का विषय है, इसलिए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को भी अपने-अपने नियम अधिसूचित करने होंगे। अधिकांश राज्यों ने नियमों को अंतिम रूप दे दिया है या प्रकाशित कर दिया है, जबकि कुछ राज्यों में प्रक्रिया अभी जारी है।
गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को मिलेगा सामाजिक सुरक्षा का लाभ
सरकार ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा संहिता में पहली बार गिग वर्कर्स और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को परिभाषित किया गया है। इनके लिए जीवन बीमा, दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य सुविधाएं, मातृत्व लाभ और वृद्धावस्था सुरक्षा जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाएं तैयार करने का प्रावधान किया गया है।
क्या होंगे चारों लेबर कोड के प्रमुख लाभ?
- देशभर में सार्वभौमिक न्यूनतम वेतन लागू करने का आधार मजबूत होगा।
- श्रमिकों को बेहतर सामाजिक सुरक्षा मिलेगी।
- कानूनों और परिभाषाओं की जटिलता कम होगी।
- तकनीक आधारित अनुपालन को बढ़ावा मिलेगा।
- पारदर्शिता और जवाबदेही में सुधार होगा।
- असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को भी अधिक सुरक्षा मिलेगी।
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