नई दिल्ली | IndustrialPunch : केंद्र सरकार ने राज्यसभा में बताया है कि वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 के दौरान देश में 43 नई ताप विद्युत परियोजनाओं के माध्यम से 25,349 मेगावाट नई ताप विद्युत क्षमता चालू की गई है। इसके अलावा 65 परियोजनाएं, जिनकी कुल क्षमता 47,545 मेगावाट है, वर्तमान में निर्माणाधीन हैं। वहीं 16,000 मेगावाट क्षमता की 8 कोयला आधारित ताप विद्युत परियोजनाओं में निविदा (Award) जारी हो चुकी है, लेकिन निर्माण कार्य अभी शुरू नहीं हुआ है।
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सरकार ने बताया कि विद्युत अधिनियम, 2003 के तहत बिजली उत्पादन संयंत्र स्थापित करना लाइसेंस-मुक्त प्रक्रिया है। हालांकि, किसी भी नए ताप विद्युत संयंत्र की स्थापना से पहले पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) से पर्यावरणीय स्वीकृति लेना अनिवार्य है। साथ ही संबंधित राज्य सरकारों द्वारा जल उपलब्धता का आकलन करने के बाद ही जल आवंटन किया जाता है।
छत्तीसगढ़ में कई बड़ी परियोजनाएं निर्माणाधीन
राज्यसभा में प्रस्तुत विवरण के अनुसार, छत्तीसगढ़ में कई महत्वपूर्ण ताप विद्युत परियोजनाओं पर काम जारी है। इनमें कोरबा चरण-II, कोरबा (पश्चिम), लारा स्टेज-II, रायगढ़ यूएससीटीपीपी स्टेज-II, रायपुर एक्सटेंशन, सीपत स्टेज-III, सिंघीतराई, अकलतरा और बिंजकोट जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।
सरकार का फोकस स्वच्छ ऊर्जा पर भी
सरकार ने कहा कि बिजली की बढ़ती मांग और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, बैटरी ऊर्जा भंडारण (BESS), ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर और ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं लागू की जा रही हैं। 31 मई 2026 तक देश की कुल स्थापित बिजली क्षमता में गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित क्षमता की हिस्सेदारी लगभग 53.75% हो चुकी है।
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