चंडीगढ़। IndustrialPunch : पंजाब में बिजली संकट लगातार गहराता जा रहा है। बढ़ती बिजली मांग और थर्मल पावर प्लांटों में कोयले के कम स्टॉक के बीच पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) ने दो निजी बिजली संयंत्रों—नाभा पावर लिमिटेड (NPL), राजपुरा और तलवंडी साबो पावर प्लांट (TSPL)—को शो-कॉज नोटिस जारी किया है। दोनों कंपनियों से पर्याप्त कोयला स्टॉक बनाए रखने में कथित विफलता को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
जानकारी के अनुसार, दोनों संयंत्रों की एक-एक उत्पादन इकाई तकनीकी खराबी के कारण बंद है। NPL राजपुरा की एक इकाई 10 सितंबर से, जबकि तलवंडी साबो पावर प्लांट की एक इकाई 11 सितंबर से बंद बताई जा रही है। इससे राज्य की बिजली आपूर्ति पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। बिजली मांग में वृद्धि के बीच पंजाब को केंद्रीय ग्रिड से अधिक बिजली खींचनी पड़ रही है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्य सचिव ने चंडीगढ़ में आपात बैठक बुलाई है। बैठक में पंजाब में संचालित निजी स्वतंत्र बिजली उत्पादक कंपनियों (IPPs) के प्रतिनिधियों के साथ PSPCL के अधिकारी भी शामिल होंगे। बैठक में कोयला स्टॉक की कमी, बंद पड़ी उत्पादन इकाइयों और केंद्रीय ग्रिड से बढ़ते ओवरड्रॉअल की समीक्षा किए जाने की संभावना है।
शनिवार को बिजली संकट का सबसे अधिक असर औद्योगिक उपभोक्ताओं पर पड़ा। उद्योगों को चरणबद्ध तरीके से 10 घंटे तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ा। शुक्रवार को जहां चार से छह घंटे की कटौती की गई थी, वहीं शनिवार को कटौती की अवधि बढ़ा दी गई। इससे औद्योगिक उत्पादन, मशीनरी संचालन और सप्लाई शेड्यूल प्रभावित हुआ।
PSPCL के डायरेक्टर जनरेशन पुन्नरदीप सिंह ने नोटिस जारी किए जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि NPL और TSPL दोनों को कोयला स्टॉक के रखरखाव को लेकर नोटिस दिया गया है और उनसे जवाब मांगा गया है।
हालांकि, केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने हाल ही में दावा किया था कि PSPCL के अपने तीन थर्मल प्लांटों में 4 सितंबर तक निर्धारित मानक का लगभग 117 प्रतिशत कोयला स्टॉक उपलब्ध था। मंत्रालय के अनुसार, समस्या का प्रमुख दबाव निजी बिजली संयंत्रों और उनकी ईंधन आपूर्ति व्यवस्था से जुड़ा है।
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