भिलाई (IndustrialPunch Desk) : भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP)- SAIL के हजारों ठेका श्रमिकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। संयंत्र प्रबंधन ने अपनी सभी इकाइयों में कार्यरत ठेका श्रमिकों के लिए केंद्रीय न्यूनतम वेतनमान (Central Minimum Wages) लागू करने का निर्णय लिया है। यह नया वेतनमान नवंबर 2025 से प्रभावी होगा, जिसके साथ श्रमिकों को अब तक का एरियर भी दिया जाएगा।
इस निर्णय से भिलाई इस्पात संयंत्र में कार्यरत हजारों ठेका श्रमिकों की मासिक आय में बढ़ोतरी होगी। रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय न्यूनतम वेतन लागू होने से श्रमिकों के वेतन में औसतन प्रति दिन लगभग 300 रुपये तक की वृद्धि हो सकती है। संयंत्र के कॉर्पोरेट कार्यालय द्वारा इस संबंध में निर्देश जारी किए जाने के बाद सभी इकाइयों में नई व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
विभिन्न श्रेणियों के लिए नया वेतनमान
औद्योगिक श्रमिकों के लिए केंद्रीय न्यूनतम वेतनमान के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों के लिए दरें निर्धारित की गई हैं। क्षेत्र ‘ए’ में अकुशल श्रमिकों के लिए लगभग 20,358 रुपये प्रतिमाह, अर्द्धकुशल के लिए 22,563 रुपये, कुशल के लिए 24,804 रुपये तथा अति कुशल श्रमिकों के लिए 26,910 रुपये प्रतिमाह तक वेतन निर्धारित है। महानगरों में लागू होने वाली यह दरें सबसे अधिक हैं।
नए श्रम कानूनों के तहत अतिरिक्त लाभ
केंद्रीय न्यूनतम वेतनमान लागू होने के साथ ठेका श्रमिकों को कई अन्य वैधानिक सुविधाओं का भी लाभ मिलेगा।
- ईपीएफ: मूल वेतन का 12 प्रतिशत अंशदान।
- ईएसआई: पात्र श्रमिकों एवं उनके परिवार को चिकित्सा सुविधा।
- बोनस: निर्धारित पात्रता के अनुसार वार्षिक बोनस।
- ग्रेच्युटी: लगातार पांच वर्ष की सेवा पूरी करने पर ग्रेच्युटी का लाभ।
- श्रम कानूनों के अनुरूप अन्य सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं।
बीएसपी में सबसे अधिक ठेका श्रमिक
रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2026 तक भिलाई इस्पात संयंत्र में नियमित कर्मचारियों की तुलना में बड़ी संख्या में ठेका श्रमिक कार्यरत हैं। संयंत्र में लगभग 16,938 नियमित कर्मचारियों के मुकाबले 68,066 ठेका श्रमिक विभिन्न परियोजनाओं, रखरखाव, उत्पादन और अन्य कार्यों में लगे हुए हैं। इससे स्पष्ट है कि संयंत्र के संचालन में ठेका श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
यूनियनों की लंबे समय से थी मांग
ठेका श्रमिकों को केंद्रीय न्यूनतम वेतनमान लागू करने की मांग श्रमिक संगठनों द्वारा लंबे समय से उठाई जा रही थी। विभिन्न केंद्रीय एवं स्थानीय यूनियनों का कहना था कि समान कार्य करने वाले ठेका श्रमिकों को भी केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन, महंगाई भत्ता और अन्य वैधानिक सुविधाएं मिलनी चाहिए। अब इस निर्णय से उनकी प्रमुख मांग पूरी होती दिखाई दे रही है।
रोजगार पर भी पड़ सकता है असर
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि केंद्रीय न्यूनतम वेतन लागू होने से ठेका श्रमिकों की मजदूरी बढ़ेगी, लेकिन इससे ठेका एजेंसियों की लागत में भी वृद्धि होगी। ऐसे में भविष्य में कुछ विभागों में श्रमिकों की संख्या कम किए जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि श्रमिक संगठनों का मानना है कि बेहतर वेतन और सामाजिक सुरक्षा से कार्यकुशलता तथा श्रमिकों का मनोबल दोनों बढ़ेंगे।
प्रमुख बातें
- नवंबर 2025 से लागू होगा केंद्रीय न्यूनतम वेतनमान।
- ठेका श्रमिकों को मिलेगा एरियर का भुगतान।
- मासिक वेतन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की संभावना।
- ईपीएफ, ईएसआई, बोनस और ग्रेच्युटी जैसी सुविधाओं का लाभ।
- भिलाई इस्पात संयंत्र के लगभग 68 हजार ठेका श्रमिक होंगे लाभान्वित।
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