कोरबा | Industrial Punch : कोल इंडिया में JBCCI- XII के गठन और NCWA- XII की वेतन वार्ता को लेकर श्रमिक संगठनों के बीच बहस तेज हो गई है। HMS के वरिष्ठ नेता नाथूलाल पाण्डेय के इस दावे कि नए श्रम कानून लागू होने के बाद अब JBCCI का गठन नहीं होगा और इसकी जगह वार्ताकार परिषद के जरिए वेतन समझौते की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, पर सीटू नेता डीडी रामानंदन ने असहमति जताई है।
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ऑल इंडिया कोल वर्कर्स फेडरेशन (CITU) के महासचिव एवं JBCCI सदस्य डीडी रामानंदन ने Industrial Punch से बातचीत में कहा कि नया श्रम कानून JBCCI के गठन में कहीं भी बाधा नहीं है।
उन्होंने कहा कि IR Code में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिसमें कोयला कामगारों के वेतन निर्धारण के लिए वार्ता शुरू करने हेतु JBCCI का गठन नहीं किया जा सकता हो। उनके मुताबिक, JBCCI के गठन पर ऐसी कोई रोक नहीं है।
सभी यूनियन JBCCI- XII के लिए दबाव बना रही हैं
डीडी रामानंदन ने कहा कि कोल सेक्टर की सभी यूनियन JBCCI-XII के गठन के लिए Coal India Management पर दबाव बना रही हैं। ऐसे समय में यह कहना उचित नहीं है कि JBCCI का गठन नहीं होगा और उसकी जगह वार्ताकार परिषद लेगी।
उन्होंने कहा कि कोयला कामगारों को श्रमिक संगठनों से उम्मीद है और प्रत्येक कर्मचारी चाहता है कि जल्द से जल्द JBCCI-XII का गठन हो तथा NCWA-XII की वार्ता शुरू हो।
10 अगस्त को चारों यूनियनों का बड़ा प्रदर्शन
सीटू नेता ने बताया कि 10 अगस्त को Coal India और उसकी सभी अनुषांगिक कंपनियों के महाप्रबंधक कार्यालयों के समक्ष चारों केंद्रीय यूनियनों द्वारा बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
इसके बाद 12 सितंबर को रांची में संयुक्त कन्वेंशन आयोजित किया जाएगा, जिसमें आगे के आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
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नाथूलाल पाण्डेय ने क्या कहा था?
यहां बताना होगा कि कोयला मजदूर सभा के महासचिव नाथूलाल पाण्डेय ने अपने कोरबा प्रवास के दौरान दावा किया था कि नए श्रम कानून लागू होने के बाद कोयला उद्योग में वेतन निर्धारण के लिए Joint Bipartite Committee for Coal Industry (JBCCI) का गठन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा था कि इसके स्थान पर वार्ताकार परिषद का गठन होगा और इसी माध्यम से वेतन समझौते की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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