कोरबा | Industrial Punch : कोयला उद्योग के 12वें वेतन समझौते (NCWA- XII) को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। कोल मजदूर सभा (HMS) के महासचिव नाथूलाल पाण्डेय ने दावा किया है कि नए श्रम कानून लागू होने के बाद अब कोयला उद्योग में वेतन निर्धारण के लिए ज्वाइंट बाइपार्टाइट कमेटी फॉर कोल इंडस्ट्री (JBCCI) का गठन नहीं किया जाएगा। इसकी जगह वार्ताकार परिषद (Negotiation Council) का गठन होगा, जिसके माध्यम से वेतन समझौते की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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कोरबा में मीडिया से चर्चा करते हुए HMS नेता नाथूलाल पाण्डेय ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए श्रम कानूनों और चार श्रम संहिताओं के बाद वेतन वार्ता की पूरी व्यवस्था में बदलाव किया गया है। पहले कोयला उद्योग में वेतन निर्धारण JBCCI के माध्यम से होता था, लेकिन अब नई कानूनी व्यवस्था के तहत नेगोशिएशन काउंसिल गठित होगी।
उन्होंने बताया कि परिषद में केवल वही ट्रेड यूनियन शामिल होंगी, जिन्हें सदस्यता सत्यापन में निर्धारित न्यूनतम समर्थन प्राप्त होगा। कम समर्थन वाली यूनियनों को परिषद में प्रतिनिधित्व नहीं मिलेगा, जबकि अधिक समर्थन प्राप्त यूनियनों को उनकी सदस्य संख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।
नाथूलाल पाण्डेय के अनुसार नई व्यवस्था के तहत बड़ी कोयला कंपनियों के साथ-साथ क्षेत्रीय स्तर पर भी वार्ता समितियों का गठन किया जाएगा। एसईसीएल जैसी बड़ी कंपनियों में अलग से विस्तारित समिति बनाए जाने की संभावना है, ताकि स्थानीय मुद्दों का भी प्रभावी समाधान हो सके।
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इस बीच कोयला उद्योग में 12वें वेतन समझौते को लेकर श्रमिक संगठनों की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। विभिन्न केंद्रीय ट्रेड यूनियनें जल्द से जल्द वेतन वार्ता शुरू करने की मांग कर रही हैं।
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