नागपुर | IndustrialPunch : कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) के निदेशक (मानव संसाधन) विनय रंजन को सेवा विस्तार (Extension) नहीं मिलने के बाद हिंद मजदूर सभा (HMS) ने इसे श्रमिक हितों की जीत बताते हुए केंद्र सरकार और कोल इंडिया प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया है।
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एचएमएस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, जेबीसीसीआई सदस्य एवं कोयला श्रमिक सभा (KSS-WCL) के अध्यक्ष शिवकुमार यादव द्वारा जारी संदेश में दावा किया गया है कि विनय रंजन के कार्यकाल में कई ऐसे निर्णय लिए गए जो कर्मचारियों और श्रमिकों के हितों के विरुद्ध थे।
आरोप लगाया गया है कि विनय रंजन के कार्यकाल में :
- महिला रोजगार से जुड़े मामलों में श्रमिक हितों के विपरीत निर्णय लिए गए।
- मजदूर हितों की अनदेखी की गई।
- विधवा रोजगार प्रकरणों में कर्मचारियों को राहत नहीं मिली।
- 01 जुलाई 2021 से शादीशुदा बेटी के नियोजन संबंधी आईआईआई (III) प्रावधान लागू नहीं किए गए।
- NCWA की धारा 9.4.0 से जुड़े मामलों में कर्मचारियों के हित प्रभावित हुए।
- वेतन समझौता (JBCCI- XII) के मुद्दों पर कर्मचारियों के हितों के अनुरूप निर्णय नहीं लिए गए।
- 30 वर्ष सेवा दे चुके Non-Executive कर्मचारियों और नए Executive कर्मचारियों के वेतन विवाद में श्रमिक पक्ष को अपेक्षित समर्थन नहीं मिला।
- अनुकंपा नियुक्ति में 12 वर्ष की बालिका का नाम लाइव रोस्टर में शामिल नहीं करने का निर्णय लिया गया।
- उच्च न्यायालय से रोजगार संबंधी मुकदमा जीतने वाले कुछ परिवारों को भी रोजगार नहीं दिए जाने का आरोप लगाया गया।
- Restricted Certificate धारकों को प्रमोशन नहीं देने का आरोप लगाया गया।
- E-1 ग्रेड में पदोन्नति नीति को लेकर भी संगठन ने आपत्ति जताई।
- ठेका श्रमिकों को उचित वेतन एवं PLI (Performance Linked Incentive) नहीं दिलाने का आरोप लगाया गया।
इन सभी आरोपों के आधार पर शिवकुमार यादव ने कहा कि श्रमिकों में व्यापक असंतोष था और इसी कारण सेवा विस्तार नहीं दिया गया।
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नए HR Director से जताई उम्मीद
एचएमएस नेता ने 28 जुलाई से कार्यभार संभालने वाले नए निदेशक (मानव संसाधन) से अपेक्षा जताई है कि वे महिला कर्मचारियों, कामगारों और श्रमिक परिवारों के हितों को प्राथमिकता देंगे तथा लंबित मामलों के समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल करेंगे।
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