जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड (JSL) ने चीन समेत चुनिंदा देशों से इस्पात उत्पादों के बढ़ते आयात पर लगाम लगाने के लिए सरकार से हस्तक्षेप की अपील की है। जेएसएल के प्रबंध निदेशक अभ्युदय जिंदल ने कहा कि चीन और कुछ अन्य देश घरेलू बाजार में जमकर अपने उत्पाद भेज रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम सरकार से इनके आयात पर लगाम लगाने के लिए कुछ कदम उठाने का आग्रह करते हैं। सरकार वस्तुओं के आयात पर डंपिंगरोधी शुल्क (एडीडी) और प्रतिपूर्ति शुल्क (सीवीडी) लगा सकती है।” आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जून, 2023 में भारत में कुल इस्पात आयात में चीन, जापान, वियतनाम, सऊदी अरब, रूस, नेपाल और अमेरिका का हिस्सा पिछले साल के इसी माह की तुलना में बढ़ा है।

भारत में इस्पात का आयात जून में सालाना आधार पर 7.6 प्रतिशत बढ़कर 4.84 लाख टन हो गया। जून, 2022 में चीन से आयात 26.1 प्रतिशत और वियतनाम से एक प्रतिशत था। हालांकि जून, 2023 में इस्पात आयात में चीन का हिस्सा बढ़कर 37.1 प्रतिशत हो गया, जबकि वियतनाम का हिस्सा भी बढोतरी के साथ 4.8 प्रतिशत हो गया है।

स्टेनलेस स्टील क्षेत्र के लिए अगले नीतिगत ढांचे पर जिंदल ने कहा कि यह उद्योग की काफी लंबे समय से मांग रही है। उन्होंने कहा, “इस्पात क्षेत्र के लिए बनाए गए नियम और नीतियां हमारी स्थिति के बावजूद हमें प्रभावित करती हैं।” उन्होंने कहा कि भारतीय स्टेनलेस स्टील उद्योग अपनी क्षमता से कम पर परिचालन कर रहा है। समान अवसर के लिए इस क्षेत्र को सरकार के समर्थन की जरूरत है।

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