नई दिल्ली | IndustrialPunch : AAROH – Annual Report on Mine Closure 2026 के अनावरण समारोह में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की अभिनव माइन क्लोज़र पहल राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र रही। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले स्थित परित्यक्त बिश्रामपुर ओपनकास्ट खदान को विकसित कर तैयार किए गए केनापारा इको पार्क के मॉडल ने प्रदर्शनी में आए सभी आगंतुकों का ध्यान आकर्षित किया और इसे कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में शामिल किया गया।
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समारोह में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी, केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह, कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे, कोयला सचिव विक्रम देव दत्त, कोल इंडिया के चेयरमैन बी. साईराम सहित मंत्रालय, Coal India और उसकी सहायक कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
SECL के मॉडल ने बटोरी खूब सराहना
कोल इंडिया की प्रदर्शनी में विभिन्न माइन क्लोज़र परियोजनाओं का प्रदर्शन किया गया, लेकिन SECL का केनापारा इको पार्क मॉडल सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र बना। केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी, राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे, कोयला सचिव विक्रम देव दत्त समेत अन्य अतिथियों ने SECL के स्टॉल का अवलोकन किया।
इस दौरान SECL के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने अतिथियों को माइन क्लोज़र, पर्यावरण संरक्षण तथा परित्यक्त खदानों के सतत एवं जनोपयोगी पुनर्विकास की दिशा में कंपनी की पहलों की विस्तृत जानकारी दी।
VR तकनीक से कराया गया केनापारा इको पार्क का वर्चुअल भ्रमण
स्टॉल पर प्रदर्शित VR (Virtual Reality) फिल्म के माध्यम से अतिथियों ने केनापारा इको पार्क का वर्चुअल अनुभव लिया। इस प्रस्तुति में दिखाया गया कि किस प्रकार एक परित्यक्त खदान को आधुनिक, हरित और जनोपयोगी इको पार्क में परिवर्तित किया गया।
SHG महिलाओं से केंद्रीय मंत्री ने की बातचीत
स्टॉल पर नौकायन (Boating) और मत्स्य पालन गतिविधियों से जुड़ी स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाएँ भी मौजूद थीं। केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने उनसे आत्मीय संवाद कर इस परियोजना से उनकी आजीविका में आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी ली।
इस अवसर पर निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना) रमेश चंद्र महापात्र सहित SECL के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
भाषण में भी किया SECL का विशेष उल्लेख
अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने SECL की माइन क्लोज़र पहलों का विशेष उल्लेख करते हुए इन्हें सतत एवं जिम्मेदार खनन (Sustainable Mining) का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
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पाली ‘कोल नीर’ प्लांट का भी हुआ लोकार्पण
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने Coal India की विभिन्न सहायक कंपनियों में स्थापित ‘कोल नीर’ जल शोधन संयंत्रों का भी शुभारंभ किया। इसी क्रम में SECL के जोहिला क्षेत्र के पाली स्थित ‘कोल नीर’ प्लांट का लोकार्पण भी किया गया।
यह संयंत्र खदानों से प्राप्त जल का शोधन कर उसे पेयजल के रूप में उपयोगी बनाएगा, जिससे जल संसाधनों का सतत उपयोग सुनिश्चित होने के साथ-साथ स्थानीय समुदाय को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होगा।
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