Friday, July 31, 2026
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“30 हादसे… 40 मौतें! आखिर कब जागेगा कोयला सुरक्षा तंत्र?”, HMS नेता अख्तर जावेद उस्मानी का बड़ा हमला

कोल इंडिया की त्रिपक्षीय बैठक में श्रमिक नेता अख्तर जावेद उस्मानी का बड़ा हमला, बोले- जिम्मेदार अफसरों पर हो सख्त कार्रवाई

बैठक में उपस्थिति जावेद उस्मानी सहि अन्य श्रमिक प्रतिनिधि
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कोरबा | IndustrialPunch : देशभर की कोयला खदानों में लगातार हो रही दुर्घटनाओं और श्रमिकों की मौतों को लेकर कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) की 62वीं त्रिपक्षीय सुरक्षा बैठक में माहौल उस समय गंभीर हो गया, जब हिंद मजदूर सभा के राष्ट्रीय प्रतिनिधि एवं श्रमिक नेता अख्तर जावेद उस्मानी ने सुरक्षा व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाते हुए कहा कि “पिछले एक वर्ष में 30 प्राणघातक हादसों में 40 श्रमिकों की जान जा चुकी है। आखिर सुरक्षा तंत्र कब जागेगा?”

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उन्होंने कहा कि हर दुर्घटना केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो ऐसी घटनाएं लगातार दोहराई जाती रहेंगी।

“दुर्घटना नहीं, लापरवाही से जा रही जान”

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उस्मानी ने कहा कि बीसीसीएल की मुनीडीह वाशरी, एसईसीएल की कुसमुंडा परियोजना, बंगवार खान, सोहागपुर क्षेत्र, दीपिका माइंस और कृष्णशिला खान जैसी घटनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि कई हादसे सुरक्षा नियमों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम हैं।

उन्होंने मांग की कि प्रत्येक दुर्घटना की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाए तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

कुसमुंडा हादसे का भी उठा मुद्दा

बैठक में उस्मानी ने कुसमुंडा परियोजना में कम चौड़ाई वाले हॉल रोड पर भारी डंपरों के संचालन को गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि इसी कारण एक श्रमिक की जान गई। उन्होंने कहा कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता तो हादसे को टाला जा सकता था।

25 बड़े मुद्दों पर प्रबंधन को घेरा 

  • प्रत्येक खान दुर्घटना की जवाबदेही तय करना।
  • दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई।
  • ठेका श्रमिकों को बिना PPE और SOP के काम कराने पर कार्रवाई।
  • सभी खदानों में गुणवत्तापूर्ण हेलमेट, गमबूट एवं सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना।
  • इलेक्ट्रिशियनों की सीधी भर्ती।
  • भूमिगत खदानों में मेन राइडिंग सिस्टम और वायरलेस संचार व्यवस्था।
  • वेस्टर्न कोलफील्ड्स और बीसीसीएल की दुर्घटनाओं की उच्चस्तरीय जांच।
  • मेडिकल पोर्टल और सेफ्टी ऑडिट की नियमित समीक्षा।
  • शोर प्रदूषण से प्रभावित श्रमिकों को उचित मुआवजा।
  • अवैध खनन रोकने के लिए खदानों की प्रभावी फेंसिंग।

DGMS और CIL ने दिया आश्वासन

बैठक में DGMS, कोल इंडिया के चेयरमैन, निदेशक (तकनीकी), कार्यपालक निदेशक (सुरक्षा), सभी सहायक कंपनियों के CMD, CMPDI के अधिकारी तथा केंद्रीय श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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बैठक के अंत में DGMS और कोल इंडिया प्रबंधन ने श्रमिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक पहल करने, आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने और सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा का आश्वासन दिया।

अख्तर जावेद उस्मानी ने कहा कि यदि बैठक में रखे गए सुझावों को गंभीरता से लागू किया गया तो भविष्य में खान दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है और श्रमिकों को अधिक सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा।

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