नागपुर (IndustrialPunch Desk) : वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) को कथित रूप से करीब 32 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान पहुंचाने वाले एक बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। आरोप है कि मुंबई स्थित एक निजी कंपनी के अधिकारियों ने कोयले के सैंपलों और प्रयोगशाला (लैब) रिपोर्ट में हेराफेरी कर WCL को करोड़ों रुपये की चपत लगाई।
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WCL के प्रबंधक (खनन) अविचल शर्मा द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, मुंबई स्थित निजी कंपनी के ऑपरेशन मैनेजर तथा उत्तर प्रदेश स्थित एक अन्य कंपनी के ऑपरेशन हेड शिव पूजन सिंह ने कथित रूप से मिलीभगत कर इस पूरे खेल को अंजाम दिया।
शिकायत में कहा गया है कि यह मामला इस वर्ष अप्रैल माह के आसपास का है और इसकी गतिविधियां नागपुर स्थित WCL मुख्यालय तथा विभिन्न खदानों से जुड़ी हुई हैं। आरोप है कि कोयले के एकत्रित नमूनों को पूरी मात्रा में लैब परीक्षण के लिए भेजने के बजाय केवल थोड़ी मात्रा भेजी गई। इसके बाद कथित रूप से लैब रिपोर्ट में हेराफेरी कर कोयले की गुणवत्ता वास्तविक ग्रेड से कम दर्शाई गई।
रिपोर्ट में गुणवत्ता कम दिखाए जाने के कारण विभिन्न WCL खदानों में गलत वित्तीय समायोजन (Financial Adjustments) किए गए, जिससे कंपनी को लगभग 32 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
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इस मामले में 30 अप्रैल को नागपुर के गिट्टीखदान पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया। पुलिस अब सैंपल संग्रह, लैब रिपोर्ट और वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
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