कोरबा | IndustrialPunch : छत्तीसगढ़ में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत पिछले पांच वित्तीय वर्षों में ₹2,240.99 करोड़ से अधिक का व्यय किया गया है। यह जानकारी केंद्र सरकार ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। सरकार ने 2020-21 से 2024-25 तक जिलेवार CSR व्यय का विस्तृत ब्यौरा भी प्रस्तुत किया।
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कारपोरेट कार्य राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने बताया कि मंत्रालय कंपनियों द्वारा दाखिल CSR परियोजनाओं का डेटा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराता है, लेकिन संसदीय क्षेत्रवार CSR व्यय और परियोजनाओं की पूर्णता की अलग से निगरानी नहीं करता।
रायपुर और रायगढ़ को मिला सबसे अधिक CSR फंड (5 वर्षों में) :
- रायपुर – ₹544.86 करोड़
- रायगढ़ – ₹520.47 करोड़
- कोरबा – ₹141.83 करोड़
- दुर्ग – ₹83.16 करोड़
- बिलासपुर – ₹138.24 करोड़
- दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) – ₹91.63 करोड़
इन जिलों में उद्योगों और कंपनियों द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, कौशल विकास, बुनियादी ढांचे और सामुदायिक विकास जैसी परियोजनाओं पर CSR राशि खर्च की गई।
2024-25 में भी CSR खर्च रहा मजबूत
वित्तीय वर्ष 2024-25 में अकेले छत्तीसगढ़ में ₹551.88 करोड़ का CSR व्यय दर्ज किया गया। प्रमुख जिलों में:
- रायपुर – ₹166.10 करोड़
- रायगढ़ – ₹108.61 करोड़
- दुर्ग – ₹42.42 करोड़
- दंतेवाड़ा – ₹41.30 करोड़
- कोरबा – ₹36.51 करोड़
- बिलासपुर – ₹28.25 करोड़
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सरकार ने क्या कहा?
सरकार ने स्पष्ट किया कि कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत CSR एक बोर्ड-चालित प्रक्रिया है। प्रत्येक कंपनी का निदेशक मंडल CSR परियोजनाओं की योजना, स्वीकृति, क्रियान्वयन और निगरानी के लिए जिम्मेदार होता है। यदि निर्धारित CSR राशि खर्च नहीं होती, तो उसे कानून के अनुसार निर्धारित निधियों में स्थानांतरित करना अनिवार्य है।
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