नई दिल्ली। IndustrialPunch : देश के थर्मल पावर प्लांटों में घटते कोयला स्टॉक के बीच कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) ने बिजली कंपनियों को अतिरिक्त कोयला उपलब्ध कराने की पहल की है। CIL ने Fuel Supply Agreement (FSA) वाले पावर प्लांटों को उनके वार्षिक अनुबंधित कोयले की मात्रा से अधिक कोयला उठाने का विकल्प दिया है।
इसे भी पढ़ें: कोल स्टॉक पर बड़ा अलर्ट: उत्तर प्रदेश के 11 पावर प्लांट क्रिटिकल, राजस्थान दूसरे नंबर पर
57 पावर प्लांटों में कोयला स्टॉक क्रिटिकल
Central Electricity Authority (CEA) के 4 सितंबर के आंकड़ों के अनुसार, देश के 57 पावर प्लांटों में कोयला स्टॉक क्रिटिकल स्तर पर पहुंच गया है। इन संयंत्रों में कुल करीब 27.1 मिलियन टन कोयला उपलब्ध है, जो अनुशंसित 57.7 मिलियन टन स्टॉक का लगभग 47% है।
कोयला मंत्रालय के अनुसार, स्थिति में सुधार की उम्मीद है क्योंकि कोयला उत्पादक क्षेत्रों में लगातार हुई भारी बारिश अब कमजोर पड़ रही है। इससे खदानों में उत्पादन और कोयले की आवाजाही तेज होने की संभावना है।
अगस्त में CIL का कोयला डिस्पैच बढ़ा
CIL ने अगस्त 2026 में कुल 60.60 मिलियन टन कोयले की आपूर्ति की, जो पिछले वर्ष अगस्त की तुलना में 5.5% अधिक है। पावर सेक्टर को आपूर्ति भी 4.5% बढ़कर 48.46 मिलियन टन रही। अप्रैल से अगस्त 2026 के दौरान CIL की कुल कोयला आपूर्ति 322.90 मिलियन टन रही, जो पिछले साल की समान अवधि से 6.7% ज्यादा है।
पिटहेड पर 76 MT का स्टॉक
मंत्रालय के मुताबिक CIL की सहायक कंपनियों के पिटहेड पर करीब 76 मिलियन टन कोयले का स्टॉक मौजूद है। इसके अलावा लगभग 46 मिलियन टन ready-to-mine coal exposure भी उपलब्ध है। बारिश कम होने के साथ उत्पादन और डिस्पैच बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
सड़क मार्ग से भी अतिरिक्त कोयला उठाने का विकल्प
बिजली संयंत्रों तक कोयले की आपूर्ति बढ़ाने के लिए CIL ने FSA वाले पावर प्लांटों को रेल के साथ सड़क मार्ग से भी अतिरिक्त कोयला उठाने का विकल्प दिया है। इसका उद्देश्य उपलब्ध कोयले को तेजी से पावर प्लांटों तक पहुंचाना और बिजली उत्पादन पर संभावित दबाव को कम करना है।
इसे भी पढ़ें: NTPC Korba में ब्लैकआउट का कारण सामने आया, ब्रेकर टेस्टिंग के दौरान सातों यूनिट ट्रिप
कोयला संकट के बीच उत्पादन बढ़ने की उम्मीद
बारिश कम होने के बाद CIL की खदानों में उत्पादन की रफ्तार में सुधार के संकेत मिले हैं। 4 सितंबर को दैनिक औसत कोयला उत्पादन करीब 1.7 मिलियन टन तक पहुंच गया, जबकि सितंबर के शुरुआती तीन दिनों में यह लगभग 1.36 मिलियन टन प्रतिदिन था।
कुल मिलाकर, पावर प्लांटों में क्रिटिकल स्टॉक की स्थिति ने कोयला आपूर्ति को फिर से फोकस में ला दिया है। हालांकि CIL के पास पिटहेड स्टॉक मौजूद है और मानसून कमजोर होने से उत्पादन व डिस्पैच में तेजी आने की उम्मीद है।
- Join the IndustrialPunch WhatsApp Group:Click here
- industrial punch is now on Whatsapp Channels. Click here to join









