कोरबा। IndustrialPunch : कोल सेक्टर की प्रमुख ट्रेड यूनियनों में शुमार हिंद मजदूर सभा (HMS) के भीतर आपसी खींचतान अब खुलकर सामने आती दिख रही है। कोयला मजदूर सभा के महामंत्री नाथूलाल पाण्डेय की ओर से लगाए गए आरोपों पर HMS के राष्ट्रीय महामंत्री हरभजन सिंह सिद्धू ने तीखा पलटवार किया है।
8 सितंबर, 2026 की रात IndustrialPunch से बातचीत में सिद्धू ने कहा कि “व्यक्ति अपने कर्मों के चक्रव्यूह में खुद ही फंसता है।” उन्होंने नाथूलाल पाण्डेय पर बौखलाहट में बयानबाजी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें आराम की जरूरत है।
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पाण्डेय ने लगाए थे गंभीर आरोप
दरअसल, नाथूलाल पाण्डेय ने एक YouTube चैनल को दिए इंटरव्यू में हरभजन सिंह सिद्धू पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि एक साजिश के तहत उन्हें कोल इंडिया की विभिन्न समितियों से हटाने का प्रयास किया जा रहा है। पाण्डेय ने यह भी आरोप लगाया था कि सिद्धू रेलवे क्षेत्र से जुड़े नेता हैं और उन्हें कोल सेक्टर की पर्याप्त जानकारी नहीं है।
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सिद्धू ने कहा कि यूनियन में नाथूलाल पाण्डेय की कार्यशैली को लेकर काफी नाराजगी है। उनके अनुसार, कई यूनियन कार्यकर्ताओं के अलावा कुछ कोयला अधिकारियों ने भी उनकी कार्यशैली को लेकर असंतोष जताया है।
“20-20 साल से समितियों में जमे हुए हैं”
सिद्धू ने कहा कि कोल इंडिया की कई समितियों में नाथूलाल पाण्डेय लंबे समय से बने हुए हैं। उनके मुताबिक, कुछ समितियों में उनका कार्यकाल करीब 20 वर्षों तक रहा है।
सिद्धू ने कहा कि Apex JCC जैसी महत्वपूर्ण समिति में नाथूलाल पाण्डेय की मौजूदगी के बावजूद उनके स्थान पर उन्हें रखने का निर्णय लिया गया था। उन्होंने इसे किसी व्यक्तिगत साजिश के बजाय संगठनात्मक निर्णय बताया।
यूनियन फंड की जांच पर भी सिद्धू का जवाब
नाथूलाल पाण्डेय के खिलाफ यूनियन फंड में कथित गड़बड़ी और जांच से जुड़े सवाल पर सिद्धू ने कहा कि दो कमेटियों ने शिकायतों की जांच की है।
उनका आरोप है कि पाण्डेय न तो किसी जांच कमेटी के समक्ष उपस्थित हुए और न ही अपना पक्ष रखा। सिद्धू के अनुसार, पाण्डेय ने कथित तौर पर यह सवाल भी उठाया था कि जांच कमेटी के सदस्य उनसे पूछताछ करने वाले कौन होते हैं।
सिद्धू ने कहा कि दोनों जांच कमेटियों ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है और उसके बाद नाथूलाल पाण्डेय को नोटिस दिया गया। हालांकि, जांच रिपोर्ट पर अंतिम निर्णय अभी लिया जाना बाकी है।
“वर्कर नेता बनाता है और वर्कर ही मिटाता है”
HMS नेता ने कहा कि नाथूलाल पाण्डेय बौखलाहट में “उल-जुलूल” बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि “वर्कर श्रमिक नेता बनाता है और वर्कर ही उसे मिटाता भी है।” सिद्धू ने श्रमिकों से टकराव से बचने की बात कहते हुए कहा कि यूनियन को मिलने वाला चंदा वर्करों के हक का पैसा है और उसके इस्तेमाल में पारदर्शिता एवं जवाबदेही जरूरी है।
JBCCI- XII पर सिद्धू का बड़ा बयान
बातचीत के दौरान हरभजन सिंह सिद्धू ने JBCCI- XII के गठन को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि इसके गठन में अब कोई बड़ी बाधा नहीं है और कोल इंडिया प्रबंधन भी चाहता है कि NCWA- XII की वार्ता शुरू हो। सिद्धू के मुताबिक, कोल इंडिया प्रबंधन JBCCI- XII के गठन की मंजूरी के लिए कोयला मंत्रालय को पत्र भेज रहा है और उन्हें उम्मीद है कि जल्द स्वीकृति मिल जाएगी।
हाल में हुई Apex JCC बैठक में भी JBCCI- XII के गठन के लिए कोयला मंत्रालय को प्रस्ताव भेजने की बात सामने आई थी। ट्रेड यूनियनों की ओर से बैठक में HMS के हरभजन सिंह सिद्धू समेत अन्य केंद्रीय श्रमिक संगठनों के नेता शामिल हुए थे। सिद्धू ने चेतावनी दी कि यदि JBCCI- XII के गठन में अनावश्यक विलंब होता है तो कोयला कामगारों में आक्रोश बढ़ सकता है, जिसका खामियाजा कोल इंडिया को भुगतना पड़ सकता है।
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“वेज रिवीजन का मौजूदा सिस्टम ही सबसे बेहतर”
HMS नेता ने कहा कि कोयला कामगारों के वेज रिवीजन का मौजूदा सिस्टम बेहतर है और इसे ही बरकरार रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि NCWA के माध्यम से वेतन समझौते की प्रक्रिया को जारी रखना कोयला कामगारों के हित में है। कोल इंडिया में JBCCI- XII के गठन को लेकर प्रबंधन और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के बीच हाल में हुई बैठकों में भी यह मुद्दा प्रमुखता से उठा है। प्रबंधन ने मंत्रालय से आवश्यक मंजूरी के लिए पत्र भेजने की बात कही है।
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