कोरबा, 20 जुलाई | IndustrialPunch : कोयला उद्योग की ट्रेड यूनियन राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (CITU) ने कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) के चेयरमैन-सह-प्रबंध निदेशक को पत्र लिखकर अपनी संबद्ध यूनियनों को चेक-ऑफ (Check-off) प्रणाली के माध्यम से सदस्यता सत्यापन प्रक्रिया में शामिल किए जाने की जानकारी दी है।
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20 जुलाई 2026 को जारी इस पत्र में CITU के महासचिव एलामारम करीम ने बताया कि 29-30 जून 2026 को बेंगलुरु में आयोजित CITU की राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि कोल इंडिया और उसकी सभी आठ सहायक कंपनियों में कार्यरत CITU से संबद्ध यूनियनें अब चेक-ऑफ प्रक्रिया में भाग लेंगी।
प्रबंधन से निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग
पत्र में CITU ने कोल इंडिया प्रबंधन से अनुरोध किया है कि सदस्यता सत्यापन की पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और बिना किसी दबाव या प्रलोभन के कराई जाए।
साथ ही यह भी कहा गया है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी कर्मचारी की दोहरी यूनियन सदस्यता (Duplicate Membership) न हो और प्रत्येक कर्मचारी केवल एक ही यूनियन का सदस्य रहे।
सहायक कंपनियों को भी भेजने का आग्रह
CITU ने CIL प्रबंधन से अनुरोध किया है कि इस निर्णय की जानकारी कोल इंडिया की सभी सहायक कंपनियों के प्रबंधन को भी दी जाए, ताकि CITU से संबद्ध यूनियनों की चेक-ऑफ प्रक्रिया में सुचारु और प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।
यहां बताना होगा कि चेक ऑफ सिस्टम में अब तक चार केन्द्रीय यूनियन एचएमएस, बीएमएस, इंटक और एटक की सम्मिलित रहे हैं। अब पांचवां केन्द्रीय यूनियन सीटू भी इसमें शामिल हो जाएगा।
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क्या है चेक-ऑफ सिस्टम?
चेक-ऑफ प्रणाली के तहत कर्मचारी अपनी पसंद की ट्रेड यूनियन के पक्ष में सहमति देते हैं और उसी आधार पर यूनियनों की सदस्य संख्या का सत्यापन किया जाता है। यही प्रक्रिया भविष्य में यूनियनों की प्रतिनिधित्व क्षमता तय करने का आधार बनती है।
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