धनबाद, 12 जुलाई। भारतीय मजदूर संघ (BMS) के कोल प्रभारी के. लक्ष्मा रेड्डी ने फिर दोहराया कि केन्द्र सरकार की एमडीओ मोड (MDO Mode) की नीति कोल इंडिया एवं कोयला कामगारों के लिए घातक है।
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श्री रेड्डी ने शनिवार को पिपरवार, एनके, आम्रपाली- चंद्रगुप्त, मगध-संघमित्रा, रजहारा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कोल इंडिया में नियमित कर्मचारियों की घटती संख्या पर चिंता जाहिर की।
बीएमएस के कोल प्रभारी केन्द्र सरकार की एमडीओ और प्रॉफिट शेयरिंग नीतियों को लेकर जमकर गरजे। उन्होंने कहा कि ये नीतियां कोल इंडिया और कोयला कामगारों के लिए बेहद घातक हैं।
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ठेका प्रथा पर भी बीएमएस नेता ने जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि ठेका मजदूरों का निरंतर शोषण किया जा रहा है। इसके लिए भारतीय मजदूर संघ गंभीर है। नियमित कर्मचारियों से उत्पादन में कम से कम 50 प्रतिशत की सहभागिता होनी चाहिए।
श्री रेड्डी ने बताया कि भारतीय मजदूर संघ स्थापना दिवस 23 जुलाई से विश्वकर्मा जयंती 17 सितम्बर तक कोयला कामगारों के ज्वलंत मुद्दों को लेकर चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करने जा रहा है।
श्री रेड्डी ने कोयला कामगारों के हित में भारतीय मजदूर संघ द्वारा किये गए कार्य एवं भविष्य की नीति, मांग एवं आंदोलन की रूपरेखा को कार्यकर्ताओं के बीच रखा।
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अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ (ABKMS) के अध्यक्ष संजय कुमार चौधरी ने भी कार्यकर्त्ताओं को संबोधित किया। बैठक की अध्यक्षता सीसीएल कोलियरी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष निर्गुण महतो एवं संचालन महामंत्री शशिभूषण सिंह ने की।









